कुछ लोग मानते हैं कि Panchak में विवाह करना शुभ होता है, तो कुछ लोग मानते हैं कि यह अशुभ होता है।
पंचक क्या है?
आकाश में कई तारे हैं, जिन्हें नक्षत्र कहा जाता है। इनमें से आखिरी के पांच नक्षत्रों को मिलाकर Panchak कहा जाता है। ये पांच नक्षत्र हैं: धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती।

पंचक और विवाह
कई लोग मानते हैं कि पंचक के दौरान कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। लेकिन, विवाह जैसे शुभ कामों को लेकर अलग-अलग मत हैं। कुछ लोग मानते हैं कि पंचक में विवाह करना शुभ होता है, तो कुछ लोग मानते हैं कि यह अशुभ होता है।
पंचक में विवाह: क्या करें?
पंचक, पांच खास नक्षत्रों का एक समूह है। कई लोग मानते हैं कि इन पांच दिनों में कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। लेकिन, विवाह जैसे शुभ कामों को लेकर अलग-अलग मत हैं।

पंचक में विवाह क्यों नहीं करते?
- धार्मिक मान्यताएं: कई धर्मग्रंथों में लिखा है कि पंचक के दौरान विवाह जैसे शुभ काम नहीं करने चाहिए।
- अशुभ मानना: कुछ लोग मानते हैं कि पंचक में विवाह करने से अशुभ फल मिलते हैं।
- मृत्यु से जोड़ना: कुछ लोग पंचक को मृत्यु से जोड़ते हैं और मानते हैं कि इस दौरान विवाह करना अशुभ होता है।

पंचक में विवाह कैसे करें?
पंचक दोष के नकारात्मक प्रभाव कम हो जाते हैं जब पंचक उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में होता है। जब यह पंचक रविवार को पड़ता है, तो सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है। यह योग सगाई और अन्य विवाह समारोहों के लिए लाभदायक होता है।

यदि अंतिम तीन Panchak रविवार को पड़ते हैं और सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है, तो यह समृद्धि और सफलता लाता है।पंचक के दौरान, ज्योतिषीय उपचारों और अनुशंसित सावधानियों का पालन करें। पंचक के दौरान किसी भी ऐसे कार्य को न करें जो वर्जित हो।
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