पतंजलि आयुर्वेद ने कर्ज में डूबी आईटी कंपनी रोल्टा इंडिया को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। बाबा रामदेव की अगुवाई वाली कंपनी ने 830 करोड़ रुपये का नकद ऑफर दिया है। यह तब हुआ है, जब कुछ हफ्ते पहले ही पुणे स्थित अशदान प्रॉपर्टीज को रोल्टा के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी घोषित किया गया था।
पतंजलि आयुर्वेद ने अपना ऑफर बोली प्रक्रिया में शामिल करने के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) का दरवाजा खटखटाया है। अब एक पैनल कंपनी को नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने का फैसला करेगा।
कमल सिंह द्वारा स्थापित रोल्टा रक्षा क्षेत्र पर केंद्रित एक सॉफ्टवेयर कंपनी है। इस कंपनी को जनवरी 2023 में दिवालिया प्रक्रिया में शामिल किया गया था। कंपनी पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 7,100 करोड़ रुपये और सिटीग्रुप के विदेशी बांड धारकों का 6,699 करोड़ रुपये का बकाया है।
रोल्टा ने पहली बार 2016 में विदेशी मुद्रा ऋणों पर चूक की थी। दिवालियापन से बचने के तीन प्रयासों के बाद, आखिरकार यूनियन बैंक द्वारा याचिका दायर करने के बाद कंपनी NCLT के समक्ष आई। कंपनी रक्षा और homeland सुरक्षा, बिजली, वित्तीय सेवाएं, विनिर्माण, खुदरा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करती है। वित्तीय वर्ष 2022 में कंपनी को ₹1000 करोड़ का घाटा हुआ था। जबकि इस दौरान राजस्व केवल ₹38 करोड़ था।
खबरों के मुताबिक, रोल्टा की रियल एस्टेट, खासकर मुंबई में स्थित संपत्ति, बोली लगाने वालों को आकर्षित कर सकती है। साथ ही, पतंजलि आयुर्वेद अपनी होम डिलीवरी एप्लिकेशन को मजबूत बनाने के लिए रोल्टा के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी देख सकता है।

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