Pushpak viman : इसरो का महत्वाकांशी पुनः प्रयोज्य लॉन्च वाहन (RLV) अंतरिक्ष यान को किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतरिक्ष को आम आदमी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वाकांशी कदम उठा रहा है। इसका पुनः प्रयोज्य लॉन्च वाहन (RLV) उपनाम “पुष्पक विमान” आज सुबह 7 बजे कर्नाटक के एक रक्षा हवाई क्षेत्र से प्रायोगिक उड़ान भरने के लिए तैयार है।
यह तीसरी बार है जब पुष्पक का परीक्षण किया जा रहा है। इस बार के परीक्षण का उद्देश्य जटिल परिस्थितियों में इसकी स्वचालित लैंडिंग क्षमता का परीक्षण करना है।
इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा, “पुष्पक लॉन्च वाहन अंतरिक्ष तक पहुंच को सबसे किफायती बनाने का इसरो का साहसिक प्रयास है। यह भारत का भविष्यवादी पुनः प्रयोज्य लॉन्च वाहन है, जहां सबसे महंगे हिस्से, ऊपरी चरण को पृथ्वी पर सुरक्षित वापस लाकर पुन: प्रयोज्य बनाया जाता है। भविष्य में यह उपग्रहों को ईंधन भरने और मरम्मत के लिए कक्षा से वापस लाने में भी सक्षम हो सकता है। यह अंतरिक्ष मलबे को कम करने की दिशा में भी एक कदम है।”
Pushpak viman को रामायण में वर्णित धन के देवता कुबेर के विमान के नाम पर रखा गया है। उम्मीद की जाती है कि यह व्यावसायिक रूप से उपलब्ध लॉन्चर बनने के बाद भारत के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक साबित होगा।
विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के उन्नत प्रौद्योगिकी और प्रणाली समूह के कार्यक्रम निदेशक सुनील पी ने कहा, “पुष्पक भविष्य है। इसरो का लक्ष्य ऐसा वाहन उड़ाना है जो अधिक लागत प्रभावी हो और अंतरिक्ष तक बहुत कम लागत में पहुंच प्रदान करे।”
भारत सरकार ने इस परियोजना में ₹100 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। यह उपलब्धि भारत को 2035 तक अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन – भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का महत्वाकांक्षी पुनः प्रयोज्य लॉन्च वाहन (RLV) “पुष्पक” आज सुबह 7 बजे कर्नाटक के एक रक्षा हवाई क्षेत्र से प्रायोगिक उड़ान भरने के लिए तैयार है।
यह 21वीं सदी का एक क्रांतिकारी कदम है जो अंतरिक्ष यान को आम आदमी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Pushpak viman (RLV)के बारे में:
- यह इसरो का पुनः प्रयोज्य लॉन्च वाहन है जिसे “स्वदेशी स्पेस शटल” भी कहा जाता है।
- यह 6.5 मीटर लंबा और 1.75 टन वजनी है।
- इसे भारतीय वायु सेना (IAF) के हेलीकॉप्टर द्वारा उठाया जाएगा।
- यह एक ग्लाइडर की तरह उतरेगा और स्वचालित रूप से लैंड करेगा।
- इसरो का लक्ष्य इसे भविष्य में उपग्रहों को ईंधन भरने और मरम्मत के लिए कक्षा से वापस लाने के लिए उपयोग करना है।
Pushpak viman (RLV) का महत्व:
- यह अंतरिक्ष यान को किफायती बनाने में मदद करेगा।
- यह अंतरिक्ष मलबे को कम करने में मदद करेगा।
- यह भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।
- यह 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- यह 21वीं सदी का एक ऐतिहासिक क्षण है। पुष्पक RLV भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है।
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