प्रधानमंत्री मोदी का सफर, कार्यकर्ता से उनके पद तक, उनके जीवन में कैसे एक बड़ा टर्न आया, इसे जानने के लिए पढ़ें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत ही छोटी आयु में अपने घर को छोड़ दिया था। चाय बेचने वाले से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक का सफर उनके लिए कठिन रहा है।गौरतलब है कि पीएम मोदी ऐसे पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री है जिन्होंने लालकिले के प्राचीर से लगातार देश को 9 बार संबोधित किया है।
पीएम मोदी का बचपन
प्रधानमंत्री मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी है और इनका जन्म दामोदरदास मूलचंद मोदी और हीराबेन के यहां हुआ था। पीएम मोदी की प्रारंभिक शिक्षा वडनगर के भागवताचार्य नारायणाचार्य स्कूल में हुई थी।
बचपन से ही उन्हें एक्टिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिता और नाटकों का शौक था, जिसमें उन्होंने कई पुरस्कार जीते। उन्होंने स्कूली शिक्षा के दौरान एनसीसी कैडेट भी बने। इसके बाद, पीएम मोदी ने अमेरिका में मैनेजमेंट और पब्लिक रिलेशन से संबंधित 3 महीने का कोर्स भी किया।
‘चायवाला प्रधानमंत्री का कहानी’
पीएम मोदी के पिता का वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी, जहां मोदी ने भी अपने पिता की सहायता की। इस कारण, लोग आज भी उन्हें “चायवाला प्रधानमंत्री” कहते हैं। 1965 में भारत-पाक युद्ध के समय, मोदी ने स्टेशन से गुजर रहे भारतीय सैनिकों को चाय पिलाई और उन्होंने तय किया कि वह बड़े होकर देश की सेवा करेंगे।
पीएम मोदी का राजनीतिक सफर
पीएम नरेंद्र मोदी के जीवन में, लाल कृष्ण आडवाणी को उनका राजनीतिक गुरु माना जाता है। 1985 में उन्होंने राजनीतिक दुनिया में कदम रखा और भाजपा से जुड़ गए। इसके बाद, उन्हें पार्टी में कई बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गईं। 1988-89 में, उन्हें गुजरात भाजपा में महासचिव की जिम्मेदारी मिली। 1995 में, उनकी सक्रियता और मेहनत के लिए उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया।
2014 से पीएम मोदी ने ली पीएम पद की शपथ
साल 2014 में लोकसभा चुनाव का आयोजन किया गया। इस दौरान नरेंद्र मोदी को एनडीए ने पीएम चेहरा चुना। साल 2014 का चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए कीर्तिमान था, क्योंकि पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी सरकार से बहुमत हासिल की थी, उस दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में पीएम मोदी ने 282 सीटें हासिल कीं। इसके बाद इसी तरह 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान एक बार फिर पीएम मोदी ने इतिहास रचते हुए पीएम पद की शपथ ली।